भोपाल : ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (MPPGCL) के अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में उल्लेखनीय तकनीकी उपलब्ध‍ियां व परिचालन उत्कृष्टता का उदाहरण प्रस्तुत किया है। अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की वर्तमान में स्थापित उत्पादन क्षमता 210 मेगावाट है। गत वित्तीय वर्ष अमरकंटक ताप विद्युत गृह ने शून्य विशिष्ट तेल खपत और ज़ीरो ट्रि‍पिंग का अभूतपूर्व कीर्तिमान स्थापित किया, जो विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में उच्च स्तरीय इंजीनियरिंग दक्षता, उन्नत अनुरक्षण प्रणाली व कुशल परिचालन प्रबंधन का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

चचाई ने दिखाया ‘मास्टरक्लास प्रदर्शन’

अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई के प्रदर्शन की एक प्रमुख विशेषता यह रही कि पावर हाउस में पूरे वित्तीय वर्ष की अवधि के दौरान एक बार भी ट्रि‍पिंग नहीं हुई। यह उपलब्धि विद्युत उत्पादन क्षेत्र में अत्यंत कठिन मानी जाती है तथा इसे एक “मास्टरक्लास प्रदर्शन” के रूप में देखा जा रहा है। इस स्तर की परिचालन स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए पावर हाउस के अभियंताओं व तकनीकी कार्मिकों द्वारा मशीनरी के समयबद्ध अनुरक्षण, उन्नत निगरानी प्रणाली, सटीक लोड प्रबंधन व सुरक्षा प्रोटोकॉल का सुव्यवस्थित अनुपालन सुनिश्चित किया गया।

एमपीईआरसी के सभी मानकों से बेहतर प्रदर्शन

वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई द्वारा कुल 1733.55 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया गया, जो संयंत्र की निरंतर, विश्वसनीय व दक्ष संचालन क्षमता को दर्शाता है। इस अवधि में प्लांट उपलब्धता कारक (Plant Availability Factor) 98.29 प्रतिशत व प्लांट लोड फैक्टर (Plant Load Factor) 94.24 प्रतिशत दर्ज किया, जो कि मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग (MPERC) द्वारा निर्धारित 85 प्रतिशत के मानकों से उल्लेखनीय रूप से अधिक है। यह प्रदर्शन चचाई विद्युत गृह की तकनीकी सुदृढ़ता, उच्च स्तर की योजना एवं परिचालन नियंत्रण प्रणाली की प्रभावशीलता को परिलक्षित करता है।

प्रतिबद्धता एवं सामूहिक प्रयास रहे प्रमुख आधार-अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई के अभियंताओं, ऑपरेशन स्टाफ व तकनीकी कर्मचारियों ने उच्चतम कार्यनिष्ठा एवं समन्वय के साथ कार्य करते हुए पावर हाउस की मशीनरी को उत्कृष्ट कार्यशील स्थिति में बनाए रखा। पावर हाउस की यूनिट नंबर 5 वर्ष 2024 के 1 अक्टूबर से निरंतर विद्युत उत्पादन की श्रृंखला को बनाए रखना संयंत्र की परिचालन क्षमता एवं विश्वसनीयता का उत्कृष्ट उदाहरण है।