अमेरिका दौरे पर जिनपिंग की खास मांग, व्हाइट हाउस में चाहिए अलग कमरा
वॉशिंगटन। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सेहत को लेकर एक बार फिर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई तरह की अटकलें तेज हो गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ वॉशिंगटन में हुई हालिया मुलाकात के दौरान चीनी अधिकारियों ने अमेरिकी प्रशासन से एक विशेष अनुरोध किया था। इसके तहत व्हाइट हाउस के वेस्ट विंग में एक अलग कमरा उपलब्ध कराने की मांग की गई थी, ताकि 73 वर्षीय शी जिनपिंग बैठकों के बीच में आराम कर सकें। इस कमरे में चीन की तरफ से केवल उनकी पत्नी पेंग लियुआन को ही उनके साथ रहने की अनुमति दी गई थी।
जिनपिंग की सेहत और कार्यक्रम में बदलाव को लेकर सवाल
चीनी राष्ट्रपति के कार्यक्रम में कई बड़े बदलाव करने और आराम के लिए अतिरिक्त समय की माँग ने उनकी शारीरिक स्थिति को लेकर नए सिरे से सवाल खड़े कर दिए हैं। हालाँकि, उनकी किसी गंभीर बीमारी या विशेष मेडिकल परेशानी को लेकर अब तक सार्वजनिक रूप से कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि चीनी अधिकारियों ने अमेरिकी पक्ष से यह सुनिश्चित करने को कहा था कि जिनपिंग के पास बैठकों के बीच पर्याप्त विश्राम का समय हो।
वॉशिंगटन दौरे के दौरान देखे गए असामान्य बदलाव
यह पहला मौका नहीं है जब शी जिनपिंग के स्वास्थ्य को लेकर इस तरह की चर्चाएँ सामने आई हों। इससे पहले भी उनके दौरों के दौरान उनके स्वास्थ्य को लेकर कयास लगाए जाते रहे हैं। वॉशिंगटन दौरे पर उनके पूरे शेड्यूल में कई असामान्य बदलाव साफ तौर पर देखे गए। 24 सितंबर को दोनों नेताओं के बीच होने वाला प्रस्तावित वर्किंग लंच भी रद्द कर दिया गया था। इसके अलावा, वॉशिंगटन पहुँचने वाली शाम को उनके लिए कोई सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं रखा गया था।
अगले दिन 25 सितंबर को उनका नेशनल आर्काइव्स का दौरा भी बेहद छोटा रहा, जो निर्धारित समय से काफी पहले मात्र 10 मिनट में ही समाप्त हो गया। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उनका पूरा यात्रा कार्यक्रम बहुत सावधानी से तैयार किया गया था, जिसमें इस बात का पूरा ध्यान रखा गया कि उन्हें कितनी देर खड़े रहना होगा, कितना चलना पड़ेगा और कब आराम की जरूरत होगी। हालांकि, इन बदलावों के पीछे बीजिंग से वॉशिंगटन तक की लगभग 14 घंटे की लंबी उड़ान और जेट लैग को भी एक संभावित कारण माना जा रहा है, लेकिन इन तमाम घटनाक्रमों ने उनके स्वास्थ्य को लेकर अंतरराष्ट्रीय गलियारों में चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
भारत ने संयुक्त राष्ट्र को सुनाई खरी-खरी? आंतरिक मामलों में दखल न देने की दी नसीहत
ध्रुव राठी की रिहाई के बाद नया सवाल, क्या फिर होगी गिरफ्तारी? जानिए क्या है मामला
3,900 केस निपटाने की चुनौती, EOW ने अधिकारियों को दी हर महीने दो मामले सुलझाने की जिम्मेदारी
मध्य प्रदेश में बदला मौसम, दिन में गर्मी और रात में ठंड; दो दिन बारिश का अलर्ट