पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में भारी उछाल: भारत पर महंगाई का खतरा
13 जून 2025 को तेल बाजार में एक बड़ा झटका देखने को मिला जब इजराइल ने ईरान पर हमला कर दिया. इस घटना ने मिडिल ईस्ट में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है, जिसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है. Brent Crude की कीमत 75.65 प्रति बैरल डॉलर और WTI की कीमत 74.47 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है—जो लगभग पांच महीनों की सबसे ऊंची दर है. इस तनाव के चलते सप्लाई चेन प्रभावित होने की आशंका है और यही वजह है कि भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अचानक उछाल आ सकता है.
अनुमान है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल 3 से 4 रुपये प्रति लीटर तक महंगा हो सकता है, जिससे आम लोगों के घर का बजट सीधे तौर पर प्रभावित होगा. इंधन की कीमतों में यह बढ़ोतरी न केवल आपकी जेब पर भार डालेगी, बल्कि ट्रांसपोर्ट, खाने-पीने की चीज़ों और बाकी जरूरतों पर भी असर डालेगी. अगर कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो पेट्रोल 3 से 4 रुपये प्रति लीटर तक महंगा हो सकता है
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