होर्मुज जलमार्ग को बंद करने का कोई इरादा नहीं: अब्बास अराघची
तेहरान। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि फिलहाल होर्मुज जलमार्ग को बंद करने का कोई इरादा नहीं है। एक दिन पहले जब अमेरिकी हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए थे तो आशंका जताई जा रही थी कि ईरान होर्मुज को बंद कर सकता है। अगर होर्मुज बंद होता तो कच्चे तेल के दाम 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 120 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकते थे। इसका असर भारत में पेट्रोल-डीजल पर भी पड़ सकता था। हालांकि एक्सपर्ट मान रहे है कि कच्चे तेल के दामों में बढ़ोतरी का जोखिम अभी भी बना हुआ है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ईरान होर्मुज जलमार्ग को आधिकारिक तौर पर बंद न करे लेकिन वह ऑयल टैंकर्स पर हमले कर सकता है। हाल ही में पर्शियन गल्फ के मुहाने पर तीन जहाजों पर हमला किया गया। इस हमले के बाद टैंकर कंपनियां इस रास्ते से दूर हो रही है। अगर इजराइल और अमेरिका के साथ चल रही ये जंग लंबी खिंचती है तो इस तरह के हमले आगे भी जारी रह सकते हैं। इससे शिपिंग कंपनियां उस रास्ते से जाने से डरेंगी और रास्ता तकनीकी रूप से खुला रहने के बावजूद क्रूड की सप्लाई ठप हो जाएगी और कीमतें बढ़ सकती हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक युद्ध जैसे हालात में समुद्री रास्तों पर जोखिम बढ़ जाता है। इस वजह से कच्चे तेल लाने वाले जहाजों का वॉर रिस्क इंश्योरेंस और शिपिंग भाड़ा महंगा हो जाता है। यह बढ़ी हुई लागत अंत में कच्चे तेल की कीमतों को ऊपर ले जाती है। ग्लोबल मार्केट हमेशा भविष्य की आशंकाओं पर चलता है। जब तक मिडिल ईस्ट में तनाव पूरी तरह खत्म नहीं होता, तब तक कच्चे तेल में तेजी रह सकती हैं।
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